Jind Meriye

Jind Meriye Lyrics in Hindi From Movie Jersey 2021. The Latest Hindi Song is Sung by Sachet Tandon.
गीत जींद मेरिये
गायक सचेत टंडन
गीतकार शेली
संगीत सचेत-परंपरा
फिल्म जर्सी

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ
जींद मेरिये ओह जींद मेरिये

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ये जो खला है जिंद दी खिचड़ी
राह मैं इस्नु दिखवाँ
उड़दी फिरदी तुर्दी हवाएं
इसमे ही बेहता जावाँ

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावं
ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

रोंडिया वि हसियां ​​मैं
किस नु नई दसियां ​​मैं
आंख वाले हंजुआ नु
बारिश ही दसिया मैं

कुछ वि मैं भुलेया मैं
शुक्र है रूलेया नाईं
हौले से ये रतन कुछ
जग सोया तू न सोया

दम नई छुटेया वे
कुछ नए टूटे वे
घोर खलीपन ने फतेह है लिखे:
क्यूजेडलिरिक्रस डॉट कॉम

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ
ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

हो चलेया न रुकेया मैं
आज वि न मुक्केया मैं
दिलजीत वे है बाकी
लिख के हैं रखे मैं

नज़र निशान पे है
रब्ब की दिखने पर है
शिकार न मथे उत्ते
मन वि ठिकाने पे है

दम नई छुटेया वे
कुछ नए टूटे वे
कल्ला बे चन्न नु मैं पवन चिट्ठियां

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ
ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ
जींद मेरिये ओह जींद मेरिये

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ये जो खला है जिंद दी खिचड़ी
राह मैं इस्नु दिखवाँ
उड़दी फिरदी तुर्दी हवाएं
इसमे ही बेहता जावाँ

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावं
ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

रोंडिया वि हसियां ​​मैं
किस नु नई दसियां ​​मैं
आंख वाले हंजुआ नु
बारिश ही दसिया मैं

कुछ वि मैं भुलेया मैं
शुक्र है रूलेया नाईं
हौले से ये रतन कुछ
जग सोया तू न सोया

दम नई छुटेया वे
कुछ नए टूटे वे
घोर खलीपन ने फतेह है लिखे:
क्यूजेडलिरिक्रस डॉट कॉम

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ
ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

हो चलेया न रुकेया मैं
आज वि न मुक्केया मैं
दिलजीत वे है बाकी
लिख के हैं रखे मैं

नज़र निशान पे है
रब्ब की दिखने पर है
शिकार न मथे उत्ते
मन वि ठिकाने पे है

दम नई छुटेया वे
कुछ नए टूटे वे
कल्ला बे चन्न नु मैं पवन चिट्ठियां

जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ
ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

ओह जींद मेरिये बार बार खिलदा ऐ
ख्वाब एक इस्नु मनावाँ

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