अप्सरा / Apsara Lyrics in Hindi – Jaani
Apsara Lyrics in Hindi – ‘Apsraa’ is a new Punjabi song sung by Jaani. In this song the shayar spares no words to praise a girl he met in Moscow, and calls her Apsraa. Lyrics of Apsara song are written by Jaani. Music is also given by him and label is Desi Melodies.| Song | Apsara |
अप्सरा ओये होये होये होये
एक मिली मैनु अप्सरा
कन्ना दे विच वालियां
जुल्फा कालियाँ कालियाँ
एक मिली मैनु अप्सरा
कन्ना दे विच वालियां
जुल्फा कालियाँ कालियाँ
अख्खा नीलियाँ नीलियाँ
पता नि किधरो पा लियां
गोरा गोरा चामी
गोरा गोरा चामी
जिवें ठंड च आरामी
शहर ओदा मॉस्को
बड़े जादू आ ओसको
पलका तिक्खियाँ तिक्खियाँ
ते अख्खा निक्किया निक्किया
जदो ओने मैनु तक्केय
मेरा पाड़ के सीना रक्खेया
चन्दन दा लगदी बाग़ भई
मेरी सुत्ती किस्मत जाग पई
मैं होशा सब भुला लइयां
एक मिली मैनु अप्सरा
कन्ना दे विच वालियां
जुल्फा कालियाँ कालियाँ
गोरा गोरा चामी
जिवें ठंड च आरामी
शहर ओदा मॉस्को
बड़े जादू आ ओसको
जादू है ये कोई या खुदा की माया है
तारो की महफ़िल में हाय चाँद आया है
तारो की महफ़िल में हाय चाँद आया है
थोड़ा थोड़ा मीह पेया
ओनु छुन नु जी पेया
थोड़ा थोड़ा मीह पेया
ओनु छुन नु जी पेया
मेरे कोलो लंगा फ़कीर एक
कहंदा छड़ इश्क़ विच कि पेया
मैं ओदी नि मन्नी गल भई
मैं केहया अग्गे नु चल भई
फुल्ला दा लग्गी राजमहल
ओ तुरदा फिरदा ताजमहल
ते ताजमहल नु कोई नहीं छड़दा
ते ताजमहल नु कोई नहीं छड़दा
जे मिलदा होवे मंगे तो
जे कपडे दी कोई कीमत पूछे
पूछे फेर किसे नंगे तो
सुणके औदी आवाज
सुत्ता रब उठ गया मंजे तो
ते फिर मेरी की औकात
मेरी की औकात
उत्तो काली रात
औनु मैं वि चंगा लग्गेया
क्या बात, क्या बात
फेर दोवां ने अपणीया अपणीया
धड़कना वधा लियां
एक मिली मैनु अप्सरा
कन्ना दे विच वालियां
जुल्फा कालियाँ कालियाँ
अख्खा नीलियाँ नीलियाँ
पता नि किधरो पा लियां
गोरा गोरा चामी
जिवें ठंड च आरामी
जानी वे, जानी वे
जानी वे, जानी वे
जानी वे, जानी वे
जानी वे, जानी वे
जानी वे, जानी वे
जानी वे
मैं ओदा ना सी पूछना चाहया इ
ओदे कुझ समझ ना आया इ
मैं ओदा ना सी पूछना चाहया इ
ओदे कुझ समझ ना आया इ
मैं शायर होके वि औनु
शायरी ना सुना पाया इ
मैं गोड़े गोड़े बेशुरा
मैं फेर वी ओदे लई गाया इ
पिलाया इ मैं ओनु पाणी अपणे हथा नाल
ओ मेरा ना वि पूछ गी सी
पूछ गी सी पर अखा नाल
बिन पित्ते ही लौरे
बिन पित्ते ही लौर ऐ
ओ चुप जमाना शोर ऐ
मैं किवें ओदे नाल गल करां
ओदी भाषा होर ऐ
ओने जबानी खोली सी
ओने जबानी खोली सी
पर जड़ो ओ बोली सी
बदला ने खिड़की खोली सी
फेर तारा ने मारियाँ ताड़ियाँ
एक मिली मैनु अप्सरा
कन्ना दे विच वालियां
जुल्फा कालियाँ कालियाँ
अख्खा नीलियाँ नीलियाँ
पता नि किधरो पा लियां
शहर ओदा मॉस्को
बड़े जादू आ ओसको
एक शायर लई ऐ पाप ऐ
एक शायर लई ऐ पाप ऐ
पापी कहेगा जग इ
ठण्ड सी औनु लगदी पई
मैं मेरी डायरी नु ला दी अग्ग इ
हाय किन्ने मेरे शेर मरगे
