Shikayat Lyrics – AUR (Uraan)
The compelling track titled “Shikayat” showcases the combined talents of the accomplished duo Usama Ali and Ahad Khan, who not only wrote the lyrics but also delivered a powerful performance. The production and meticulous mix mastering of the song are the craftsmanship of Raffey Anwarr, ensuring a seamless and captivating audio experience. The visually enchanting music video is brought to life under the insightful direction of Zeeru. The entire musical endeavor is presented under the label AUR.| Song Name : | Shikayat |
| Album / Movie : | Shikayat |
| Singer : | Uraan (AUR) |
| Music Label : | Uraan (AUR) |
| Cast : | Usama Ali, Ahad Khan, Raffey Anwar |
| Shikayat | Shikayat Lyrics - AUR (Uraan) |
ज़ख्म दिल पे हैं, दवा करो
आओ मिलके रस्में मोहब्बत अदा करो
कुछ ना कर सको मेरे लिए
तो बस ख्वाबों में ही मुझसे मिल लिया करो
आ मिल लो कहीं मुझसे
के उम्मीदें कुछ बाकी हैं मेरी
तुमसे ना जाने हसरत ही रही हो तुम मेरी
के शायद ये दिन आखिरी हो
हम ख्वाहिश में मर जाएँ
आ मिल लो कहीं मुझसे
के उम्मीदें कुछ बाकी हैं मेरी
तुमसे…
ले चलो वहाँ मुझे
मैं देखता हूँ आसमान में भी अब तुझे
देखा एक रोज़ तारा टूटके गया
मांगी भी दुआएं, पर हाँ तू नहीं मिला
वो आया ही नहीं, जो एक दफा गया
वो दूर इतना हो गया, मैं देख ना सका
है ढूँढ़ता वजह, अब दिल ये बेवजह
है टूटा इस तरह से दिल, के फिर नहीं लगा
तो आ मिलो कभी, ओ मेरे हमनशी,
मैं अब भी हूँ अकेला ये तू समझा क्यों नहीं
वजूद दिल-लगी की आरज़ू नहीं
मोहब्बत तो वही है जो कि मिलती ही नहीं
मोहब्बतों में झूम लू
मैं क्या करूँ, बता
मैं मुक्तलहा हूँ ग़म में
या मैं ग़म की हूँ दवा
मैं बद्दुआ हूँ, या दुआ हूँ
या मैं हूँ सज़ा
अब तू बता के मैं हूँ
या फिर तू है लापता
तू बता…
लापता हो गये… हमारे लिए तुम
इतना चाहा के तुम बेवफा हो गये
जाना…. भूलना था तुम्हें, ख़ुदा की कसम
हाथ जब भी उठे, तुम धुआ हो गये
होठों पे दुआ है, वक़्त थम नहीं रहा
तू ना मिल सका तू बस नज़म नहीं रहा
दुनिया की मोहब्बतों ने सब बदल दिया
तेरा ग़म अजीब है, वो वही का वही रहा
भूलना मैं चाह रहा था तुझको इस तरह
ना तेरी जगह कोई हो, ना हो तू वहाँ
अब तेरी तलाश में पता चला मुझे
तुमसे ही शुरू है रात, तुमसे ही सुबह
तू मिल गई तो जान लेगी ज़िंदगी मुझे
जो तू नहीं, तो चाहिए कुछ नहीं मुझे
ख्वाब तू है, सांस तू ही रात तू सुबह
काट दूँगा ज़िंदगी मैं देख के तुझे
देख ले मुझे, ये कट रही है ज़िंदगी
अब देख के तुझे, टूट ही गया हूँ
तू समेट ले मुझे, समेट ले मुझे
कहीं बिखर ना जाऊँ मैं
तो आओ ना मेरे आँसू को पूछो
और फिर से रुलाओ मुझे
मेरा सब कुछ है तेरे लिए
तो आओ ना दिल की बातें करो
और फिर से सताओ मुझे
मेरा सब कुछ है तेरे लिए
