कलंक Kalank Title Song Lyrics in Hindi – Arijit Singh

Kalank Title Song Lyrics in Hindi from movie Kalank, sung by Arijit Singh. The song is writing by Amitabh Bhattacharya and music composed by Pritam. Starring Alia Bhatt, Madhuri Dixit, Varun Dhawan and Sanjay Dutt.
Song Name : Kalank Title Song
Album / Movie : kalank(2019)
Singer : Arjit singh
Music Label : zee music company
Cast : amitabh bhattacharya

waaon mein bahenge
Ghataon mein rahenge
Tu barkha meri
Main tera baadal piya

Jo tere na huve toh
Kisi ke na rahenge
Deewani tu meri
Main tera paagal piya

Hazaaron mein kisi ko taqdeer aisi
Mili hai ik Ranjha aur Heer jaisi

jaane ye zamaana
Kyun chaahe re mitaana
Kalank nahi ishq hai kaajal piya
Kalank nahi ishq hai kaajal piya
Piya, piya, piya re…
Piya re, piya re…
Piya re, piya re, piya re, piya re…

Duniya ki nazron mein ye rog hai
Ho jinko woh jaane ye jog hai
Ik tarfa shayad ho dil ka bharam
Do tarfa hai toh ye sanjog hai

Layi re humein zindgani ki kahaani
Kaise mod pe
Huve re khud se paraaye
Hum kisi se naina jod ke

Hazaaron mein kisi ko taqdeer aisi
Mili hai ik Ranjha aur Heer jaisi

Na jaane ye zamaana
Kyun chaahe re mitaana
Kalank nahi ishq hai kaajal piya
Kalank nahi ishq hai kaajal piya

Main tera, main tera, main tera, main tera
Main tera, main tera, main tera, main tera
Main gehra tamas tu sunhera savera
Main tera o, main tera
Musaafir main bhatka tu mera basera
Main tera o.. main tera

 

jugnu chamakta
Main jungle ghanera
Main tera aa…
O piya main tera, main tera, main tera
Ho… main tera
Ho… main tera, main tera, main tera

हवाओं में बहेंगे, घटाओं में रहेंगे
तू बरखा मेरी, मैं तेरा बादल पिया
जो तेरे ना हुए तो, किसी के ना रहेंगे
दीवानी तू मेरी, मैं तेरा पागल पिया
हज़ारों में किसी को, तक़दीर ऐसी
मिली है इक राँझा, और हीर जैसी
न जाने ये ज़माना
क्यों चाहे रे मिटाना
कलंक नहीं, इश्क है काजल पिया
कलंक नहीं, इश्क है काजल पिया

(पिया, पिया, पिया रे
पिया रे, पिया रे…
पिया रे, पिया रे, पिया रे, पिया रे)

दुनिया की, नज़रों में, ये रोग है
हो जिनको, वो जाने, ये जोग है
इक तरफ़ा, शायद हो, दिल का भरम
दो तरफ़ा, है तो ये, संजोग है
लाई रे हमें ज़िन्दगानी की कहानी
कैसे मोड़ पे
हुए (लागे) रे खुद से (को) पराए
हम किसी से नैना जोड़ के
हज़ारों में किसी को…

मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा
मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा
मैं गहरा तमस, तू सुनहरा सवेरा
मैं तेरा ओ, मैं तेरा
मुसाफ़िर मैं भटका, तू मेरा बसेरा
मैं तेरा ओ, मैं तेरा
तू जुगनू चमकता, मैं जंगल घनेरा
मैं तेरा
ओ पिया, मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा
हो, मैं तेरा…

बोनस ट्रैक
छुपा भी ना सकेंगे, बता भी ना सकेंगे
हुए यूँ तेरे प्यार में पागल पिया
जो तेरे ना हुए तो, किसी के ना रहेंगे
के अब ना किसी और से लागे जिया
हज़ारों में किसी को…

ठोकर पे दुनिया है, घरबार है
दिल में जो दिलबर का दरबार है
सजदे में बैठे हैं जितनी दफ़ा
वो मेरे मन्नत में हर बार है
उसी का अब ले रहे हैं, नाम हम तो
साँसों की जगह
क्यों जाने एक दिन भी लागे
हमको बारह मासों की तरह
जो अपना है सारा, सजनिया पे वारा
न थामे रे किसी और का आँचल पिया
हज़ारों में किसी को…

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